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उस सुंदर मुस्लिम युवती को देखकर शिवाजी ने ऐसा क्या कहा जिसे सुन मराठा सैनिकों को झुकाना पड़ा सिर!

Posted On: 19 Feb, 2015 Others में

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वीर छत्रपति शिवाजी को भारतीय इतिहास का सबसे पराक्रमी योद्धा माना जाता है. उनकी वीर गाथाएं आज भी हमारे लिए एक प्रेरणा

स्रोत का कार्य करती हैं. वीर शिवाजी ने मराठा मानुष को एक ऐसा किरदार दिया है जिस पर वह चिरकाल तक गर्व कर सकते हैं. मुगलों से युद्ध और उन्हें अपने क्षेत्र से दूर रखने के लिए वीर शिवाजी ने कई अहम मौकों पर देश को संभाला और शक्ति प्रदान की है. वीर शिवाजी एक आदर्श वीर थे जिनके अंदर वीर होने का गर्व था घमंड नहीं. उनकी जिंदगी से जुड़ी ऐसी ही अनेक गाथाओं में से एक निम्न है.



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जब छोड़ा मुगल नवयौवना स्त्री को

एक बार शिवाजी की सेना के एक सैनिक ने एक मुगल किलेदार की एक जवान और अति सुंदर युवती को उसके घर से उठा लिया और उसकी सुंदरता पर मुग्ध होकर उसने उसे शिवाजी के समक्ष पेश करने की ठानी. वह उस युवती को बिठाकर शिवाजी के पास ले गया.

जब शिवाजी ने उस युवती को देखा तो वह उसकी सुंदरता की तारीफ किए बिना नहीं रह सके लेकिन उन्होंने उस युवती की तारीफ में जो कहा वह कुछ इस तरह से था काश! हमारी माता भी इतनी खूबसूरत होतीं तो मैं भी खूबसूरत होता.


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इसके बाद वीर शिवाजी ने अपने सेनापति को डांटते हुए कहा कि वह इस युवती को जल्द से जल्द उसके घर ससम्मान छोड़ आएं. साथ ही उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि वह दूसरे की बहू-बेटियों को अपनी माता की तरह मानते हैं.



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वीर शिवाजी की तलवार में जितनी धार थी उतना ही प्रभावी उनका चरित्र भी था. उन्होंने अपने चरित्र को कभी दागदार नहीं होने दिया.


वीर शिवाजी का जीवन

छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म 19 फरवरी, 1630 को मराठा परिवार में हुआ. शिवाजी पिता शाहजी और माता जीजाबाई के पुत्र थे. उनकी माता जीजाबाई एक धार्मिक स्वभाव वाली स्त्री होते हुए भी गुण-स्वभाव और व्यवहार में वीरंगना नारी थीं. इसी कारण उन्होंने बालक शिवा का पालन-पोषण रामायण, महाभारत तथा अन्य भारतीय वीरात्माओं की उज्ज्वल कहानियां सुना और शिक्षा देकर किया था. बचपन से ही शिवाजी को युद्ध कला का शौक था जिससे उन्हें अपने अंतिम समय में भी लगाव रहा.

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युवा शिवाजी की पुरंदर और तोरण जैसे किलों पर जीत हासिल करने की खबर ने उनकी ख्याति को देशभर में फैला दिया. उनके नाम से निरंकुश शासक बुरी तरह खौफ खाते थे. अपनी अनोखी युद्ध शैली की वजह से ही वीर शिवाजी ने अनेकों युद्धों में सफलता प्राप्त की.


शिवाजी एक मराठा लेकिन मुस्लिम विरोधी नहीं

आज कई लेखों और कई व्यक्तियों की राय में वीर शिवाजी की छवि एक मुस्लिम विरोधी शख्स की है लेकिन यह सच नहीं है. कई लोग मानते हैं कि जिस तरह मोदी को मुस्लिम विरोधी कहना गलत है उसी तरह वीर शिवाजी को भी एक मुस्लिम विरोधी मानने की अवधारणा पालना गलत है. वीर शिवाजी की सेना में कई मुस्लिम नायक और सेनानी थे. वीर शिवाजी सिर्फ कट्टरता और जुल्मियों के लिए दुश्मन थे.


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शिवाजी की 1680 में कुछ समय बीमार रहने के बाद अपनी राजधानी पहाड़ी दुर्ग राजगढ़ में 3 अप्रैल को मृत्यु हो गई. आज भी देश में छत्रपति शिवाजी का नाम एक महान सेनानी और लड़ाके के रूप में लिया जाता है जिनकी रणनीति का अध्ययन आज भी लोग करते हैं.


शिवाजी जयंती

शिवाजी जयंती हर साल 19 फरवरी को छत्रपति शिवाजी महाराज की याद में मनाया जाता है. इस पर्व को मनाने के पीछे एक बड़ा इतिहास भी रहा है. लोकमान्य तिलक के अथक प्रयासों की वजह से ही महाराष्ट्र में यह पर्व दुबारा शुरू हुआ. 1895 में उन्होंने शिवाजी जयंती को शिवाजी स्मरणोत्सव के नाम से एक सामाजिक त्यौहार घोषित कर दिया. उसी समय से शिवाजी के जन्मदिवस और राज्याभिषेक पर भी समारोह मनाए जाने लगे. Next…


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138 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

SACHIN के द्वारा
February 19, 2015

लोकमान्य तिलक नही जॊतिबा फुले 

Puru के द्वारा
February 20, 2013

जी हाँ शिवाजी एक सच्चे वीर थे.. उन्होंने सारी ज़िन्दगी कमजोर लोगो की रक्षा अत्याचारी मुगलों से किया. उन्हें अपनी वीरता पर गर्व था घमंड नहीं… उन्होंने अपने देश के लिए अपनी सारी जिंदगी छापामार लड़ाई में ख़त्म कर दिया… वो सभी का सम्मान करते थे.. हर किसी को अपने तरीके से स्वतन्त्र जीने की प्रेरणा देते थे. उन्हें गुलामी पसंद नहीं था.. सच वीर वाही है जो अपनी वीरता का उपयोग करे अपने देश और कमजोर लोगो की रक्षा और सहायता में… आपको शत-शत नमन.. कुछ सीखो ठाकरे बन्धुओ राज बालासाहब और उध्हाव तुमलोग मराठा हो ही नहीं सकते… अगर होते तो किसी कमजोर को ऐसे न सताते .. तुम देश के लिए मरते… अपने वोट बैंक के लिए नहीं… Shame on you !!!

    Tariq Irfan Beg के द्वारा
    November 20, 2014

    Akdam Sahi Kaha Aapne…

    Gina के द्वारा
    June 11, 2016

    Reading this makes my deiiscons easier than taking candy from a baby.

abhijeet के द्वारा
February 20, 2013

वीर छत्रपति शिवाजी मराठा मानुषों के लिए एक गर्व का विषय हैं


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