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वर्तमान का रावण यानी भ्रष्टाचार

Posted On: 13 Oct, 2013 Religious में

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हम सबने रामायण को किसी ना किसी रुप में सुना, देखा और पढ़ा ही होगा. रामायण हमें यह सीख देती है कि चाहे असत्य और बुरी ताकतें कितनी भी ज्यादा हो जाएं पर अच्छाई के सामने उनका वजूद एक ना एक दिन मिट ही जाता है. वर्तमान में भ्रष्टाचार और अन्याय रूपी अंधकार को देखकर मन में हमेशा उस उजाले की चाह रहती है जो इस अंधकार को मिटा सके लेकिन हर समय हमे निराशा ही हाथ लगती है. आज हम चर्चित भ्रष्टाचार रूपी इसी रावण की चर्चा करेंगे.


कोल घोटाला

कैग रिपोर्ट के मुताबिक 2012 में अनुमानित 1.86 लाख करोड़ रुपए का कोयला आवंटन घोटाला सामने आया है. यह घोटाला यूपीए की सरकार में हुआ. इसमे सरकार पर आरोप लगे कि उन्होंने 2004 से 2009 के बीच लगभग 100 कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए 155 कोयला खदानों का आवंटन किया गया.


2जी स्पेक्ट्रम घोटाला

इस घोटाले से सरकारी खजाने को 1,76,000 हजार करोड़ रुपये चपत लगी थी. भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी)की रिपोर्ट में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा को 2जी स्पैक्ट्रम के आवंटन में प्रधानमंत्री, वित्त और क़ानून मंत्रालय की सलाह की अनदेखी करने का दोषी ठहराया. आज भी इस पर जांच चल रही है.


Read: बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व : दशहरा


रेल घूसकांड

इसी साल सीबीआई ने कुछ लोगों को रेलवे बोर्ड के सदस्य के पद पर नियुक्ति के लिए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है. इनमें तब के रेलमंत्री पवन बंसल का भांजा विजय सिंघला भी शामिल था. जिसके चलते पवन बंसल को अपना पद छोड़ना पड़ा. हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट ने 10 करोड़ रुपये के रेलवे घूस मामले में पूर्व रेल मंत्री पवन कुमार बंसल के भांजे विजय सिंगला और रेलवे बोर्ड के निलंबित सदस्य महेश कुमार सहित चार आरोपियों को शुक्रवार को जमानत दे दी.


कामनवेल्थ गेम्स

एक अनुमान के मुताबिक घोटाला करीब अस्सी हजार करोड़ का है. इस घोटाले में राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के तात्कालिक अध्यक्ष सुरेश कलमाडी और उनके सहयोगियों को नाम आया. इस घोटाले के सिलसिले में सुरेश कलमाडी को जेल भी जान पड़ा लेकिन बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया.


शारदा ग्रुप चिटफंड घोटाला

इसी साल पश्चिम बंगाल में शारदा ग्रुप द्वारा निवेशकों को 20,000 करोड़ रुपए का चूना लगाया. इस घोटाले ने राजनीति हलको हड़कंप मचा दी. घोटाला सामने आने के बाद पैसे डूब जाने की वजह से कई निवेशकों ने अपनी जान भी दे दी.


राम चिरंतन चेतना, राम सनातन सत्य।

रावण वैर-विकार है, रावण है दुष्कृत्य॥

वर्तमान का दशानन, यानी भ्रष्टाचार।

दशहरा पर करें, हम इसका संहार॥



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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Tahzeeb Ah. khan के द्वारा
October 14, 2013

दशहरा पर्व पर रावण के पुतले तो हर वर्ष जलते हैँ। परन्तु रावण फिर भी नही मरता। यह रहता कहाँ है। आपके अन्दर। आपके अन्दर राम भी है और रावण भी। अपने अन्दर के रावण को जलाइए और अपने अन्दर के राम को जगाइए। अर्थात् अपने अन्याय, अधर्म, छल, कपट, अभिमान आदि दोषों को पूरी शक्ति लगाकर नष्ट करने का संकल्प कीजिए । और न्याय, धर्म, सत्य, ईमानदारी, सेवा , नम्रता आदि गुणों को पूरी शक्ति से अपने जीवन मे धारण कीजिए। आपका दशहरा मनाना सफल हो जाएगा। शुभकामनाएँ।


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