blogid : 3738 postid : 585310

Madhur Bhandarkar: यथार्थवादी निर्देशन का गुर तो कोई इनसे सीखे

Posted On: 26 Aug, 2013 Others,मस्ती मालगाड़ी में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

बॉलीवुड में आज ऐसे कम ही निर्देशक हैं जो मुद्दों को लेकर फिल्मों का निर्माण करते हों. चांदनी बार’, ‘पेज-3′, ‘फैशन’ और ‘हीरोइन’  जैसी फिल्में बनाने वाले मधुर भंडारकर यथार्थवादी और जमीन से जुड़ी हुई फिल्में बनाने के लिए जाने जाते हैं.


madhur bhandarkarमधुर भंडारकर का जन्म-Madhur Bhandarkar Life

मधुर भंडारकर का जन्म 26 अगस्त, 1968 को हुआ था. उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा को बीच में ही छोड़कर पिता के साथ काम करना शुरू कर दिया. उन्होंने पहले वीडियो कैसेट बेचने का काम किया जिसके कारण ही उनकी मुलाकात बड़े-बड़े निर्देशकों से हो पाई. इस बेहतरीन निर्देशक को देखकर क्या आप सोच सकते हैं कि इन्होंने फिल्म बनाने की कोई तकनीकी शिक्षा नहीं ली. फिल्म बनाना और निर्देशन करना इन्होंने फिल्में देख-देख कर सीखा है.


साल 1995 में राम गोपाल वर्मा की रंगीला में उन्होंने सबसे पहले कैमरे के सामने काम किया. इस फिल्म में उन्होंने एक छोटा-सा किरदार भी निभाया. इसके बाद उन्होंने निर्देशन के क्षेत्र में हाथ आजमाया पर इसमें वह असफल रहे. साल 2001 में आई “चांदनी बार” ने मधुर भंडारकर की जिंदगी ही बदल ली. फैंटेसी एवं रियलिटी के तत्वों को जोड़कर मधुर भंडारकर ने सिनेमा की नई भाषा गढ़ी है. उन्होंने पेज-3, कॉरपोरेट, ट्रैफिक सिग्नल फैशन, जैसी फिल्में बनाई जिसने मधुर भंडारकर की काबीलियत को सबके सामने लाकर रख दिया. खबर है कि हमेशा लीक से हटकर फिल्में बनाने वाले निर्देशक मधुर भंडारकर अब एक रोमांटिक फिल्म बनाने जा रहे हैं और उसका नाम ‘मरजांवा’ रखा गया है.


मधुर भंडारकर पर रेप का आरोप-Madhur Bhandarkar Rape Case

अभिनेत्री प्रीति जैन ने जुलाई 2004 में वर्सोवा पुलिस थाने में एक शिकायत दर्ज कराई  थी जिसमें उन्होंने आरोप लगाया गया था कि वर्ष 1999 से वर्ष 2004 के बीच भंडारकर ने फिल्मों में अभिनेत्री बनाने का झांसा देकर उसका 16 बार बलात्कार किया. 2006 में यह रिपोर्ट फाइल हो गई लेकिन 2007 में बलात्कार के सबूत ना मिलने की सूरत में अदालत ने मधुर भंडारकर को राहत दे दी. इसके बाद प्रीति जैन ने उसे गलत ठहराते हुए अंधेरी कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.


मुंबई की अंधेरी कोर्ट ने प्रीति जैन की अपील को गौर से देखा और इस रिपोर्ट को 2009 में गलत ठहराते हुए जांच अधिकारी को दोबारा रिपोर्ट फाइल करने के लिए कहा. मधुर भंडारकर इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ले गए. पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें राहत दी. कोर्ट ने उनके खिलाफ लगे रेप के आरोप खारिज कर दिए.

बॉलिवुड में जब कभी असली जिंदगी को पर्दे पर उतारने की कला की तारीफ होगी तो मधुर भंडारकर की फिल्मों का जिक्र जरूर होगा. हकीकत को पर्दे पर उतारने की काबीलियत ही मधुर भंडारकर को सबसे अलग करती है.



Tags:               

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

1 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Tamer के द्वारा
February 14, 2016

Great artlcie, thank you again for writing.


topic of the week



अन्य ब्लॉग

latest from jagran