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Gumnami Baba : गुमनामी बाबा ही थे सुभाष चन्द्र बोस?

Posted On: 23 Jan, 2013 Others में

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Gumnami Baba in Faizabad


नेताजी सुभाषचन्द्र बोस जी की मौत का रहस्य उनके जीवन की तरह ही रहस्यमयी रहा. अधिकतर लोगों का मानना था कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की मृत्यु 1945 में प्लेन हादसे में हो गई थी लेकिन इसके बाद आए एक सच ने सभी के होश उड़ा दिए और वह सच था गुमनामी बाबा का.


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Gumnami Baba’s Profile: आखिर कौन थे गुमनामी बाबा

नेताजी की मौत का रहस्य उस समय और भी गहरा गया जब दुनिया के सामने आए गुमनामी बाबा. 1985 में फैजाबाद, उत्तर प्रदेश में रहने वाले भगवान जी उर्फ गुमनामी बाबा को कई लोग नेताजी सुभाष चन्द्र बोस मानते थे. हालांकि कई लोगों का मानना था कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के करीबी होने की वजह से गुमनामी बाबा की हरकतें और भाव नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जैसे थे. खुद गुमनामी बाबा ने भी कई बार खुद के नेताजी सुभाष चन्द्र बोस होने का दावा भी किया. एक जांच में तो यह भी सामने आया कि नेताजी सुभाषचन्द्र बोस और गुमनामी बाबा की राइटिंग मिलती है. हालांकि मुखर्जी आयोग ने यह मानने से साफ इंकार किया कि गुमनामी बाबा ही नेताजी सुभाष चन्द्र हैं पर मुखर्जी आयोग ने भारत सरकार के इस दावे का भी खंडन किया कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की मौत 1945 में हो गई थी. इसी वजह से गुमनामी बाबा को आज भी लोग रहस्य ही मानते हैं.


गुमनामी बाबा को कई लोग नेताजी सुभाष चन्द्र बोस मानते थे तो कुछ लोग ऐसे भी थे जो इसे कांग्रेस की चाल मानते थे. हालांकि ऐसे लोग की सोच कि गुमनामी बाबा कांग्रेस द्वारा रचा गया एक किरदार था यह मात्र फैंटसी ही कही जाएगी.


लेकिन जो बात सभी को हिलाती है वह यह है कि मुखर्जी आयोग के अध्यक्ष जस्टिस मनोज मुखर्जी ने ऑफ रिकॉर्ड एक बार यह भी कहा था कि उन्हें 100 % यकीन है कि गुमनामी बाबा ही नेताजी सुभाष चन्द्र बोस थे. हालांकि ऑफ रिकॉर्ड ऐसी बात कहना नैतिकता तो नहीं है लेकिन इसने उन लोगों को अवश्य गुमनामी बाबा की तरफ मोड़ा हो जो नेताजी सुभाष चन्द्र बोस को अपना हीरो मानते थे.



हालांकि जो बातें गुमनामी बाबा को बेहद रहस्यमयी बनाती हैं वह है कि गुमनामी बाबा के पास भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े कागजात और बोस परिवार की तस्वीरों से भरे 40 बक्से थे. यह कागजात और तस्वीरें नेताजी के अलावा किसी और के पास नहीं हो सकते थे.


सत्य और असत्य के बीच नेताजी सुभाष चन्द्र बोस और गुमनामी बाबा की हकीकत आज बंद फाइलों में दफन है. भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के जेम्स बॉंड कहे जाने वाले नायक को अपनी ऐसी मौत का शायद ही अनुमान हो.


Also read:

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531 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Ravish chandra verma के द्वारा
April 18, 2015

It is essential to bring front the real story of death of Neta jee. He was our real hero and this our right to know more about him. Thanks.

    Yasmin के द्वारा
    February 14, 2016

    Absolutely first rate and co-pdrpbottomee, gentlemen!

Sandeep Naithani के द्वारा
January 26, 2015

सुभास चन्द्र बॉस हमारे देश के एक हीरो क रूम में आये क्यों की गीता में कहा गया ह की यदा यदा ही धर्मष्य गलानी भवति भारता अभ्युस्थानम् अधर्मष्य… में आज के दिन सुभास चन्द्र बॉस और भगत सिंह को बड़ा मिस कर रहा हूँ…. काश में उनके दर्शन कर पता…. और उनके चरणो कि८ धूल को अपने माथै में लगा पता…… में अपने आप को एक भारतीय होने पर गर्व महसूस करता हु. ….. जय हिन्द जय भारत….

    Chris के द्वारा
    February 14, 2016

    This does look prignsiom. I’ll keep coming back for more.

mahesh के द्वारा
January 23, 2014

मेरे ख्याल से इस विषय में और अधिक रिसर्च की जरूरत है.. हालांकि नेता जी सुभाष बोकी जयंती पर यह आलेख पढ अच्छा लगा.. धन्यवाद.. एक

Anil mehta के द्वारा
January 25, 2013

हवाई दुर्घटना से बच गए थे नेताजी सुभाष चन्द्र बोस…. 

    Sugar के द्वारा
    June 10, 2016

    Further clarification: I was thinking about my half-brother, not a brwl-erhin-tao, so I didn’t pay attention to that distinction, and I don’t even know if I have a brother-in-law, because my family has drifted apart over the years without purposing to do so. For what it’s worth. I only mention it now for the sake of honesty.

dhanveer singh के द्वारा
January 25, 2013

गुमनामी बाबा पर यह ब्लॉग बेहद बेहतरीन है.. गुम्नामी बाबा और सुभाष जी में बहुत समानता थी

    Lavonn के द्वारा
    June 10, 2016

    I bow down humbly in the presence of such greesnast.


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