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World Cancer Awareness Day: आखिर कौन-सा कैंसर होता है सबसे खतरनाक

Posted On: 7 Nov, 2012 Others में

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विश्व भर में हर साल 06 नवंबर को विश्व कैंसर जागरुकता दिवस के रूप में मनाया जाता है. विश्व भर में हर साल कई लोग इस जानलेवा बीमारी के शिकार बनते हैं. हमने पिछले ब्लॉग में कैंसर के बारे में कई विशेष जानकारियां दी थीं जिसे आगे बढ़ाते हुए इस अंक में हम कैंसर के प्रकारों और उसके निदानों पर प्रकाश डालेंगे.

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What is Cancer in Hindi

कैंसर शरीर के विभिन्‍न अंगों को प्रभावित करने वाले कई रोगों के समूह के लिए प्रयुक्‍त किया जाने वाला व्‍यापक शब्‍द है. शरीर के कुछ प्रमुख कैंसर प्रवण अंग आमाशय, स्‍तन, फेफडे, कोलोन और यकृत हैं. विश्‍व में कैंसर मृत्‍यु के प्रमुख कारणों में अग्रणी है. विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के अनुसार 2005 में विश्‍व में हुई कुल 58 मिलियन मृत्‍यु में से कैंसर से होने वाली मृत्‍यु लगभग 7.6 मि‍लियन अथवा 13 प्रतिशत थी.


Cancer in India: भारत में कैंसर

आइए सबसे पहले जानते हैं भारत में कैंसर की स्थिति और इस पर सरकार का रुख. कैंसर के विरुद्ध सरकार द्वारा की गई प्रमुख पहलों में से 1975 में आरंभ किया गया राष्‍ट्रीय कैंसर नियंत्रण कार्यक्रम प्रमुख कदम है. यह कार्यक्रम 1984-85 में संशोधित किया गया जिसमें रोग की प्राथमिक रोकथाम और आरंभ में ही इसको पता लगाने पर बल दिया गया. कार्यक्रम के अंतर्गत सरकार कई योजनाएं चलाती है और इसका उद्देश्‍य कैंसर की संपूर्ण रोकथाम करना और इस पर व्‍यापक नियंत्रण करना है.

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कैंसर के प्रकार और उनके बारे में जानकारी


Cervical Cancer: सर्वाइकल कैंसर


सर्वाइकल कैंसर या गर्भाशय ग्रीवा कैंसर घातक रोग है. यह सिर्फ महिलाओं में ही होता है. वजाइना के मुख पर मांसपेशियों की गोल आकृति सर्विक्स कहलाती है, जो गर्भाशय का प्रवेश द्वार होता है. वजाइना की ओर वाला सर्विक्स का हिस्सा झिल्ली से घिरा होता है, इसी में कैंसर की आशंका होती है.


What is Cervical Cancer: क्या है सर्वाइकल कैंसर?


यह कैंसर ह्यूमन पैपीलोमा वायरस (एचपीवी) के कारण होता है. इसकी आशंका 30 से 60-65 वर्ष की आयु की स्त्रियों में ज्यादा होती है. यह विषाणु सेक्स संबंधों के दौरान पुरुषों से स्त्रियों में आता है. ज्यादातर मामलों में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता के कारण यह वायरस खुद नष्ट हो जाता है, लेकिन कभी-कभी यह पैप जांच में असामान्य दिखाई देता है और अगर सही समय पर इसका इलाज न किया जाए तो गर्भाशय ग्रीवा में कैंसर (सर्वाइकल कैंसर)हो सकता है. भारत में प्रति 48 स्त्रियों में से एक को इसकी आशंका होती है.

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Symptoms of Cervical Cancer: सर्वाइकल कैंसर के लक्षण


  • वजाइना से असामान्य स्त्राव हो, पीरियड्स अनियमित हों या सेक्स संबंधों के दौरान दर्द और रक्तस्त्राव की शिकायत हो.
  • पीठ में दर्द और यूरिनल समस्याएं हों.
  • गर्भाशय वाली जगह में सूजन या भारीपन का एहसास हो.

इलाज संभव है


सर्वाइकल कैंसर में सौ फीसदी सही इलाज के मामले ज्यादा हैं. लेकिन शुरू में ही इलाज करवाया जाना चाहिए.


मुंह और गले का कैंसर


देश में तम्बाकू के सेवन से हर वर्ष विभिन्न रोगों से 4 लाख से ज्यादा लोगों की मौत होती है. विभिन्न रूपों में तम्बाकू चबाने से सबसे ज्यादा मुंह व गले का कैंसर होता है. तम्बाकू मिश्रित मंजन भी बहुत नुकसानदेह है. तम्बाकू के सेवन से नुकसान की शुरुआत मुंह में सफेद दाग-धब्बे से होती है. मुंह में न ठीक होने वाला छाला हो जाता है. मुंह सिकुड़ता जाता है जिसे ओरल फाइब्रोसिस कहते है.


गले के कैंसर के लक्षण


यदि आवाज में परिवर्तन हो या मुंह बन्द होने लगे, छाले हों, चबाने में दिक्कत हो तो डॉक्टर से संपर्क कर दूरबीन द्वारा मुंह व गले की जांच कराएं. बॉयोप्सी जांच भी आवश्यक है.


इलाज


तम्बाकू से परहेज ही पहला इलाज है. इसलिए अपने मनोबल से तंबाकू की लत छोड़ दें. वैसे निकोटीन की लत को छुड़ाने वाली च्यूइंगम व अन्य दवाएं भी उपलब्ध हो चुकी हैं, जिनका सेवन डॉक्टर के परामर्श से करें. इसी तरह नशा-मुक्ति केंद्र की मदद भी ली जा सकती है. कैंसर होने पर उसका विशेषज्ञ चिकित्सक से इलाज कराएं.

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Lung’s Cancer: फेंफड़ों का कैंसर


धूम्रपान से तमाम ऐसे रसायन और गैसें धुएं के साथ फेफड़ों में पहुंचती है, जो फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं. इसके फलस्वरूप फेफड़ों का कैंसर पैदा होता है. पूरी दुनिया में होने वाले कैंसरों में सबसे अधिक फेफड़े के कैंसर रोगी ही होते है. पूरे विश्व में यह कैंसर प्रतिवर्ष 0.5 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है.


फेंफड़ों के कैंसर का इलाज

आरंभिक अवस्था में फेफड़े के कैंसर की पहचान कठिन है. शुरुआती अवस्था में लक्षण नजर ही नहीं आते. कभी-कभी फेफड़े के कैंसर का पता किसी और वजह से कराए गए छाती के एक्सरे से मिलता है. धूम्रपान करने वालों को खांसी ठीक न होने पर एक्सरे या स्पाइरल सी.टी. अवश्य कराना चाहिये.  कैंसर की पहचान के बाद यह तय किया जाता है कि कैंसर किस प्रकार का है और इसका विस्तार कितना है.


इन सभी के अलावा जो कैंसर सबसे ज्यादा घातक होता है वह है स्तन कैंसर (Breast Cancer) जिसके बारे में हम अगले ब्लॉग में पढ़ेंगे.

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Tag: Breast Cancer, Types of Cancer, Cancer in Hindi, Lungs Cancer, Vaginal Cancer, What are the Different Types of Cancer, कैंसर, स्तन कैंसर, गर्भाशय कैंसर, कैंसर के प्रकार



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2 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Janet के द्वारा
June 11, 2016

I deal with everything you’ve discussed, but now I’m mentally tired after &#&nu6;r12ning8#8217; with you. I think I would have passed out on mile 2. Actually, I find myself hanging out a lot in the “I’ll never finish” rut. At some point I just have to say ‘enough! move on!’. It’s so hard to do when you’re a perfectionist and you want every word perfect.

Bobbie के द्वारा
June 10, 2016

Suiirrspngly well-written and informative for a free online article.


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