blogid : 3738 postid : 2723

आखिर क्या थी कारगिल युद्ध की वजह: Story of Glory

Posted On: 26 Jul, 2012 Others में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

STORY OF KARGIL FIGHT IN HINDI

कारगिल युद्ध वही लड़ाई थी जिसमें पाकिस्तानी सेना ने द्रास-कारगिल की पहाड़ियों पर कब्जा करने की कोशिश की थी. भारतीय सेनाओं ने इस लड़ाई में पाकिस्तानी सेना तथा मुजाहिदीनों के रूप में उसके पिट्ठुओं को परास्त किया. आम तौर पर कारगिल युद्ध को भी 1947-48 तथा 1965 में पाकिस्तानी सेना द्वारा कबीलाइयों की मदद से कश्मीर पर कब्जा करने की कोशिशों के एक अंग के रूप में देखने की प्रवृत्ति रही है.


वास्तव में कारगिल युद्ध कश्मीर हथियाने और भारत को अस्थिर करने के जिहादियों के 20 वर्ष से जारी अभियान का एक महत्वपूर्ण बिंदु है और यह अनेक मामलों में पहले की दोनों लड़ाइयों से भिन्न है.


Kargil Vijay Diwas What is Kargil Fight: कारगिल युद्ध

कारगिल युद्ध के तीन चरण रहे. पहला, पाकिस्तानी घुसपैठियों ने श्रीनगर को लेह से जोड़ते राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमाक एक पर नियंत्रण स्थापित करने के मकसद से अहम सामरिक स्थानों पर कब्जा कर लिया. दूसरा, भारत ने घुसपैठ का पता लगाया और अपने बलों को तुरंत जवाबी हमले के लिए लामबंद करना शुरू किया तथा तीसरा, भारत और पाकिस्तान के बलों के बीच भीषण संघर्ष हुआ और पड़ोसी देश की शिकस्त हुई.


Reason of Kargil Fight

माना जाता है कि भारत ने इस ‘ऑपरेशन विजय’ का जिम्मा प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से करीब दो लाख सैनिकों को सौंपा था. जंग के मुख्य क्षेत्र कारगिल-द्रास सेक्टर में करीब तीस हजार सैनिक मौजूद थे. इस युद्ध के बाद पाकिस्तान के 357 सैनिक मारे गए, लेकिन बताया जाता है कि भारतीय सेना की कार्रवाई में उसके चार हजार सैनिकों की जान गई. भारतीय सेना के 527 जवान शहीद हुए और 1363 अन्य घायल हुए. विश्व के इतिहास में कारगिल युद्ध दुनिया के सबसे ऊंचे क्षेत्रों में लड़ी गई जंग की घटनाओं में शामिल है.


कारगिल युद्ध की मुख्य वजह

कश्मीर के कारगिल क्षेत्र में नियंत्रण रेखा के जरिये घुसपैठ करने की साजिश के पीछे तत्कालीन पाकिस्तानी सैन्य प्रमुख परवेज मुशर्रफ को जिम्मेदार माना जाता है.


मई 1999 में एक लोकल ग्वाले से मिली सूचना के बाद बटालिक सेक्टर में ले. सौरभ कालिया के पेट्रोल पर हमले ने उस इलाके में घुसपैठियों की मौजूदगी का पता दिया. शुरू में भारतीय सेना ने इन घुसपैठियों को जिहादी समझा और उन्हें खदेड़ने के लिए कम संख्या में अपने सैनिक भेजे, लेकिन प्रतिद्वंद्वियों की ओर से हुए जवाबी हमले और एक के बाद एक कई इलाकों में घुसपैठियों के मौजूद होने की खबर के बाद भारतीय सेना को समझने में देर नहीं लगी कि असल में यह एक योजनाबद्ध ढंग से और बड़े स्तर पर की गई घुसपैठ थी, जिसमें केवल जिहादी नहीं, पाकिस्तानी सेना भी शामिल थी. यह समझ में आते ही भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय शुरू किया, जिसमें 30,000 भारतीय सैनिक शामिल थे.


थल सेना के सपोर्ट में भारतीय वायु सेना ने 26 मई को ‘ऑपरेशन सफेद सागर शुरू किया, जबकि जल सेना ने कराची तक पहुंचने वाले समुद्री मार्ग से सप्लाई रोकने के लिए अपने पूर्वी इलाकों के जहाजी बेड़े को अरब सागर में ला खड़ा किया.


कारगिल युद्ध का अंजाम

दो महीने से ज्यादा चले इस युद्ध में भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सेना को मार भगाया था और आखिरकार 26 जुलाई को आखिरी चोटी पर भी जीत पा ली गई. यही दिन अब कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है.


STORY OF “OPERATION BLUE STAR



Tags:                                         

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (14 votes, average: 4.21 out of 5)
Loading ... Loading ...

16 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

pradeep singh के द्वारा
May 16, 2016

all add

mahendra singh के द्वारा
March 8, 2015

bharat desh ki sherhad ko chune ki kosish kerne wale dusman sabk seekhaya hamne tumko jis desh ka her baccha desh ke liye marta ho use chune ka anjaam 1999 me hamne dikha diya ab bhi sudher ne ka mauka h sudher jao kyo DOODH MANGO GE TO HUM KHEER DENGE OR AGER KASMIR MANGOGE TO HUM HER DUSMAN KO CHEER DENGE. JAY HIND JAY MATRA BHUMI JAY BHART.

sandip salve के द्वारा
February 7, 2015

is desh ki sarhad ko koi chhu nahi sakta….iss desh ki sarhad pe nigahe bandh he aankhe…………..jay veerjawan.

Dinesh Kashyap के द्वारा
September 14, 2014

Aaj hum kitne takatbar hai eh to sari dunia janti hai.Pak ne jab jab aankh uthayi hai tab-tab use muh ki khani padi hai. Eent ka jabab pathar se dene ko hum betab hai. Na aankh uthake baat karenge na aankh jhukake baat karenge,Hum jab bhi baat karenge aankh mila ke baat karenge. Us mulak ki sarhad koi chhu nahi sakta,jis mulak ki sarhad ki nighen ban hai aankhe Jai Hind-Jai Bharat

Ram jeet kashyap के द्वारा
August 22, 2014

pak ko yad hai kii uske kitane sainik kargil war me mare gaye abb bo janta hai ki BHARAT ki taraf najar bhi utha kar dekha too mera bhi yahi hall hoga JAI BHARAT MATA / JAY HIND

chandra bali singh के द्वारा
July 26, 2014

mai apane sabhi bhartiya jawano ko tahe dil se naman karata hu hamare sabhi veer amar rahe ,aur bharat desh me shanti kayam rahe

k.g.sharma के द्वारा
July 26, 2014

Him bhartiyo k liye isse bde gorv ki bat or kya hogi…pakistan to apni life m kbhi bharat ko lalkarne ka spna b dekhega to KARGIL WAR jrur yad kr lega.. Jai hind jai bharat… Proud to be Indian

SUBBIR KUMAR के द्वारा
July 26, 2014

jai hind barat mata ko वीर सपूत को कोटि नमन आप ने जो मिसाल कायम की है उसे मेरा सलाम आज देश के राजनेता और देशवासियो को चाहिए की इनकी कुरबाई को बेकार न जाने दे

randhir के द्वारा
February 20, 2014

पाकिस्तानी सैनिक को हिंदुस्तान से सबक मिला है जिसे वो सायद कवी भुला न पाएंगे

subhash के द्वारा
September 4, 2012

jai jawan jai hindustan par kya hamare politicians ne koi sabak liya nahin aaj bhi baar baar pak ke sath shanti ki baat ki jati hai aur pak bar2 terrorist bhejkar des me ashanti faila rha hai kasab afjal jaise haraamkhoro ko hum saja nahin de paaye kya yah sahindo unki family aur des ke sath gaddari nahi hai jai hind

    Javier के द्वारा
    February 14, 2016

    That’s really thniknig out of the box. Thanks!

सुमीत के द्वारा
July 26, 2012

कारगिल युद्ध भारत की सेनाओं की महान वीरता का परिचय देती है. बेहतरीन खबर

    VINOD KUMAR SINGH के द्वारा
    July 27, 2014

    WHEN I REMEMBER KARGIL HEROES OR WATCH TELECAST ON SACRIFICES OF KARGIL WHO WERE ALL UNDER 30 YEARS WHETHER OFFICERS OR JAWANS , TEARS ROLL DOWN MY CHEEKS AND I PRAY TO GOD NOT ONLY ABOUT THEM BUT THEIR OLD PARENTS, WIVES,SONS, DAUGHTERS I! MAY GOD GIVE THEM ALL IMMENSE MENTAL STRENGTH TO OVERCOME THEIS LOSS. MY FATHER WAS A SUBEDAR DURING KARGIL WAR AND WAS IN SWARNKOT IN KASHMIR. I REQUEST ALL COUNTRYMEN TO LOOK AT THEIR WIVES, PARENTS, SONS AND DAUGHTERS WITH UTMOST RESPECT AND REVERENCE. MAY GOD BLESS ALL WHO EXPRESS GRATITUDE IN THEIR HEARTS FOR THE DEFENCE FORCES.


topic of the week



अन्य ब्लॉग

latest from jagran