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ऑफबीट फिल्मों के शहंशाह – मनोज बाजपेयी

Posted On: 24 Apr, 2012 Others में

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छोटे-छोटे शहरों, गांवों में रहने वाले युवाओं के लिए बॉलिवुड किसी सुनहरे सपने से कम नहीं है. यूं तो ग्लैमर से भरी बॉलिवुड की लाइफस्टाइल किसी को भी आकर्षित करने के लिए काफी है, लेकिन प्राय: देखा जाता है कि ग्रामों में रहने वाली युवा प्रतिभाएं बॉलिवुड में अपने लिए मुकाम तलाशने के लिए हमेशा प्रयत्नशील रहती हैं. हिन्दी फिल्मों में अपनी अदाकारी का जौहर बिखेरने वाले मनोज बाजपेयी भी ऐसे ही एक अभिनेता हैं जिनके लिए बॉलिवुड पहुंचना किसी सपने से कम नहीं था लेकिन अपनी प्रतिभा और बेजोड़ अभिनय के दम पर उन्होंने अपना यह सपना पूरा किया.



manojमनोज बाजपेयी का शुरुआती जीवन

मनोज बाजपयी का जन्म 23 अप्रैल, 1969 को पूर्वी चंपारन जिला (बिहार) में स्थित एक छोटे से गांव बेलवा में हुआ था. मनोज बाजपेयी ने अपनी शुरुआती शिक्षा बेतिया(बिहार) स्थित के.आर. हाई स्कूल से पूरी की. स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद मनोज बाजपेयी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस और सत्यवती कॉलेज से आगे की पढ़ाई की. शिक्षा पूरी करने के बाद मनोज नाटक करने लगे.


मनोज बाजपेयी का फिल्मी कॅरियर

मनोज बाजपेयी ने अपने कॅरियर की शुरुआत दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले स्वाभिमान धारावाहिक से की. इसके बाद वर्ष 1996 में प्रदर्शित हुई फिल्म दस्तक में मनोज बाजपेयी एक छोटी सी लेकिन अहम भूमिका में भी नजर आए. बहुत समय तक मनोज बाजपेयी बहुत छोटी-छोटी भूमिकाएं करते रहे. इसी क्रम में उन्होंने द्रोह काल (1994), बैंडिट क्वीन (1994) भी की. मनोज बाजपेयी को पहला बड़ा ब्रेक राम गोपाल वर्मा की सत्या फिल्म के जरिये मिला. मनोज बाजपेयी द्वारा निभाया गया भीखू मात्रे का किरदार बहुत लोकप्रिय हुआ. इस फिल्म के लिए उन्हें कई अवॉर्ड भी मिले. इसके बाद रिलीज हुई फिल्म अक्स में उन्होंने एक नकारात्मक किरदार निभाया, इस किरदार में भी उन्हें बेहद पसंद किया गया.


इसके बाद मनोज बाजपेयी दौड़, शूल, जुबैदा, रोड, पिंजर, वीर-जारा और राजनीति जैसी फिल्मों में संजीदा भूमिकाएं करते नजर आए. पिंजर फिल्म में अपनी सशक्त भूमिका के लिए मनोज बाजपेयी को नेशनल फिल्म अवॉर्ड भी प्रदान किया गया.


manoj bमनोज बाजपेयी का निजी जीवन

बिहार में रहने के दौरान मनोज बाजपेयी ने परिवार वालों की मर्जी से विवाह किया, लेकिन विवाह के मात्र दो माह पश्चात ही मनोज अपनी पत्नी को छोड़कर मुंबई चले आए. यहां आकर वर्ष 2006 में उन्होंने पूर्व अदाकार नेहा, जो फिजा, करीब जैसी फिल्मों में काम कर चुकी हैं, से विवाह कर लिया. इन दोनों की एक बेटी है.


मनोज बाजपयी को दिए गए सम्मान

  • सत्या फिल्म के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड फॉर बेस्ट एक्टर (क्रिटिक्स च्वाइस) – 1999
  • सत्या फिल्म के लिए स्टार स्क्रीन अवॉर्ड बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर – 1999
  • राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार – 2000
  • शूल फिल्म के लिए फिल्मफेयर बेस्ट एक्टर (क्रिटिक्स च्वाइस) – 2000
  • पिंजर फिल्म के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (स्पेशल ज्यूरी अवॉर्ड) – 2004



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