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नवरात्र से जुड़े ब्लॉग

Posted On: 22 Mar, 2012 Others में

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NAVRATRIChaitra Navratri 2012

कल से नवरात्र पर्व (Navratri Festival) शुरू हो रहे हैं. नवरात्रों का भारतीय संस्कृति में अहम स्थान है. नवरात्रों में मां शक्ति की पूजा अर्चना की जाती है. इस दौरान देवी के नौ रूपों का पूजन होता है. इस पर्व को बेहद भक्तिमय और पवित्रता के साथ मनाया जाता है. नवरात्र का हर दिन एक विशेष देवी को समर्पित होता है. नवरात्र का हर दिन समान भक्ति भाव से पूजा जाता है. भक्ति के यह नौ दिन भारतीय संस्कृति और इसकी विविधता की झलक देते हैं.


आइए एक नजर डालें नवरात्र के नौ दिन और हर दिन की विशेष पूजन विधि पर.


नवरात्र का पहला दिन : पूजन विधि और कथा

माता शैलपुत्री: नवरात्र पर्व (Navratri Festival) के प्रथम दिन माता शैलपुत्री की पूजा की जाती है. मां दुर्गा अपने प्रथम स्वरूप में शैलपुत्री के रूप में जानी जाती हैं.

इस दिन के बारे में संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें : माता शैलपुत्री


नवरात्र का दूसरा दिन : पूजन विधि और कथा

ब्रह्मचारिणी देवी: भगवती दुर्गा की नौ शक्तियों का दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी का है. ब्रह्म का अर्थ है तपस्या, तप का आचरण करने वाली भगवती, जिस कारण उन्हें ब्रह्मचारिणी कहा गया.

इस दिन के बारे में संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें : ब्रह्मचारिणी देवी


नवरात्र का तीसरा दिन : पूजन विधि और कथा

मां चन्द्रघण्टा : नवरात्र के तीसरे दिन माता भगवती के चन्द्रघंटा स्वरुप की पूजा की जाती है. माता के माथे पर घंटे के आकार का अर्धचन्द्र है, जिस कारण इन्हें चन्द्रघंटा कहा जाता है.

इस दिन के बारे में संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें : मां चन्द्रघण्टा


नवरात्र का चौथा दिन: पूजन विधि और कथा

कूष्माण्डा माता: मां दुर्गा अपने चतुर्थ स्वरूप में कूष्माण्डा के नाम से जानी जाती हैं. नवरात्र के चौथे दिन आयु, यश, बल व ऐश्वर्य को प्रदान करने वाली भगवती कूष्माण्डा की उपासना-आराधना का विधान है.

इस दिन के बारे में संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें : मां कूष्माण्डा


नवरात्र का पांचवा दिन: पूजन विधि और कथा

स्कन्दमाता: शेर पर सवार होकर माता दुर्गा अपने पांचवें स्वरुप स्कन्दमाता के रुप में भक्तजनों के कल्याण के लिए सदैव तत्पर रहती हैं. कल्याणकारी शक्ति की अधिष्ठात्री देवी स्कन्दमाता की नवरात्र में पूजा अर्चना करने का विशेष विधान है.

इस दिन के बारे में संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें : स्कन्दमाता


नवरात्र का छठा दिन : पूजन विधि और कथा

मां कात्यायनी: मां कात्यायनी अमोघ फलदायिनी हैं. दुर्गा पूजा के छठे दिन इनके स्वरूप की पूजा की जाती है. इस दिन साधक का मन ‘आज्ञा चक्र’ में स्थित रहता है.

इस दिन के बारे में संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें: मां कात्यायनी


नवरात्र का आठवां दिन : पूजन विधि और कथा


मां गौरी: महाष्टमी के दिन महागौरी की पूजा का विशेष विधान है. देश भर में महाष्टमी की पूजा की छटा देखते ही बनती है.

इस दिन के बारे में संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें: मां गौरी


नवरात्र का नौवां दिन: पूजन विधि और कथा

मां सिद्धिदात्री: मां सिद्धिदात्री सुर और असुर दोनों के लिए पूजनीय हैं. जैसा कि मां के नाम से ही प्रतीत होता है मां सभी इच्छाओं और मांगों को पूरा करती हैं. ऐसा माना जाता है कि देवी का यह रूप यदि भक्तों पर प्रसन्न हो जाता है, तो उसे 26 वरदान मिलते हैं.

इस दिन के बारे में संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें: मां सिद्धिदात्री



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3 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

sumansingh के द्वारा
March 29, 2012

ॐ माँ

Dhananjay Nautiyal के द्वारा
March 22, 2012

।ॐ। ऽऽ॰चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 2069 ॰ऽऽ ।ॐ। भारतीय नव वर्ष की मंगल कामनाएँ। यह विक्रम संवत २०६९ का प्रथम दिन भी है सम्राट विक्रमादित्य से सम्बंधित है | यह इस बात को याद दिलाता है कि ईस्वीय संवत विक्रमी संवत से ५८ वर्ष पीछे का है | लेकिन घोर लज्जा की बात है की लोग ईस्वीय संवत को मानने वालों को एडवांस आंकते हैं | पौष की कम्कम्पाती सर्दी में कैसा हैप्पी न्यू इयर का उमंग जागता है ..इन ईस्वीय संवत मानने वाले और मनाने वालों के मन में .. और कैसे इन के समर्थकों यह भाता है ?


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