blogid : 3738 postid : 1507

शिरडी वाले साईं बाबा : श्रद्धा का अटूट नाम

Posted On: 6 Oct, 2011 Others,Special Days में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

जब हम पैदा होते हैं तो हमारी ना कोई जात होती है और ना ही कोई धर्म. मानव को बांटने का काम हम ही करते हैं. सामाजिक वर्गीकरण की इस दिवार में सबसे ज्यादा नुकसान समाज के उपेक्षित वर्ग को होता है. हमारे साधु-संतों और समाज सुधारकों ने हमेशा इस बात पर जोर दिया कि समाज में एकता आए. समाज में इसी एकता के भाव को सदृढ़ करने की राह में उल्लेखनीय कार्य के लिए हम शिरडी के साईं बाबा को याद करते हैं.


Shirdi Sai Babaशिरडी के साईं बाबा को कोई चमत्कारी तो कोई दैवीय अवतार मानता है लेकिन कोई भी उन पर यह सवाल नहीं उठाता कि वह हिंदू थे या मुसलमान. श्री साईं बाबा जाति-पांति तथा धर्म की सीमाओं से ऊपर उठ कर एक विशुद्ध संत की तस्‍वीर प्रस्‍तुत करते हैं, जो सभी जीवात्माओं की पुकार सुनने व उनके कल्‍याण के लिए पृथ्‍वी पर अवतीर्ण हुए.


“सबका मालिक एक है” के उद्घोषक शिरडी के साईं बाबा ने संपूर्ण जगत को सर्वशक्तिमान ईश्वर के स्वरूप का साक्षात्कार कराया. उन्होंने मानवता को सबसे बड़ा धर्म बताया और कई ऐसे चमत्कार किए जिनसे लोग उन्हें भगवान की उपाधि देने लगे. आज साईं बाबा के भक्तों की संख्या को लाखों-करोड़ों में नहीं आंका जा सकता. आज साईं बाबा का महासमाधि पर्व है. उन्होंने इसी दिन सन 1918 में अपना देह त्याग किया था.


Read: टेनिस खिलाड़ी राफेल नडाल से संबंधित रोचक बातें


SAI BABAसाईं बाबा का जन्म 28 सितंबर, 1836 को हुआ था. हालांकि उनके जन्म स्थान, जन्म दिवस या उनके असली नाम के बारे में सही-सही कोई नहीं जानता है, लेकिन एक अनुमान के मुताबिक, साईं का जीवन काल 1838-1918 के बीच है. साई एक ऐसे आध्यात्मिक गुरु और फकीर थे, जो धर्म की सीमाओं में नहीं बंधे थे. सच तो यह है कि उनके अनुयायियों में हिंदू और मुसलमानों की संख्या बराबर थी. श्रद्धा और सबूरी यानी संयम उनके विचार-दर्शन का सार है. उनके अनुसार कोई भी इंसान अपार धैर्य और सच्ची श्रद्धा की भावना रखकर ही ईश्वर की प्राप्ति कर सकता है.


कहा जाता है कि सोलह वर्ष की अवस्था में साईं महाराष्ट्र के अहमदनगर के शिरडी गांव पहुंचे और जीवनपर्यन्त उसी स्थान पर निवास किया. कुछ लोग मानते थे कि साईं के पास अद्भुत दैवीय शक्तियां थीं, जिनके सहारे वे लोगों की मदद किया करते थे. लेकिन खुद कभी साईं ने इस बात को नहीं स्वीकारा. वे कहा करते थे कि मैं लोगों की प्रेम भावना का गुलाम हूं. सभी लोगों की मदद करना मेरी मजबूरी है. सच तो यह है कि साईं हमेशा फकीर की साधारण वेश-भूषा में ही रहते थे. वे जमीन पर सोते थे और भीख मांग कर अपना गुजारा करते थे. कहते हैं कि उनकी आंखों में एक दिव्य चमक थी, जो लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती थी. साई बाबा का एक ही मिशन था – लोगों में ईश्वर के प्रति विश्वास पैदा करना.


sai baba1918 में विजयादशमी के कुछ दिन पूर्व साईंनाथ ने अपने परमप्रिय भक्त रामचंद्र पाटिल से विजयादशमी के दिन तात्या के मृत्यु की भविष्यवाणी की. यहां यह जानना जरूरी है कि साईबाबा शिरडी की निवासिनी वायजाबाई को मां कहकर संबोधित करते थे और उनके एकमात्र पुत्र तात्या को अपना छोटा भाई मानते थे. साईनाथ ने तात्याकी मृत्यु को टालने के लिए उसे जीवन-दान देने का निर्णय ले लिया. 27 सितम्बर, 1918 से साईबाबा के शरीर का तापमान बढने लगा और उन्होंने अन्न भी त्याग दिया.


Read: आडवाणी के पतन की दास्तां


हालांकि उनकी देह क्षीण हो रही थी, लेकिन उनके चेहरे का तेज यथावत था. 15 अक्टूबर, 1918 को विजयादशमी के दिन तात्या की तबियत इतनी बिगड़ी कि सबको लगा कि वह अब नहीं बचेगा, लेकिन दोपहर 2.30 बजे तात्या के स्थान पर बाबा नश्वर देह को त्याग कर ब्रह्मलीन हो गए और उनकी कृपा से तात्या बच गए.


साईंबाबा अपनी घोषणा के अनुरूप 15 अक्टूबर, 1918 को विजयादशमी के विजय-मुहू‌र्त्त में शारीरिक सीमा का उल्लंघन कर निजधाम प्रस्थान कर गए. इस प्रकार विजयादशमी बन गया उनका महासमाधि पर्व. इस वर्ष यह तिथि 6 अक्टूबर को है. कहते हैं कि आज भी सच्चे साईं-भक्तों को बाबा की उपस्थिति का अनुभव होता है.


Read more:

जन-जन का पर्व मकर संक्रांति

पूछते हैं वो कि ‘गालिब’ कौन है



Tags:                           

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (19 votes, average: 4.21 out of 5)
Loading ... Loading ...

4875 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Rupali Chavan के द्वारा
December 26, 2016

साई बाबा माझी मदत करा. माझा वडीलांची तबियत बरी नाही त्याना लवकर बर करा…. साई बाबा माझा तुमच्यावर खुप विश्वास आहे कृपया माझी मदत करा तुमचे उपकार कधीच विसरणार नाही.. कृपया माझी मदत करा…..बाबा….. अनंत कोटि ब्रह्माण्डनायक राजाधिराज योगिराज परब्रह्म श्री सछिदानंद सदगुरु साईनाथ महाराज की जय….!!!! ॐ साई राम ॐ साई राम ॐ साई राम ॐ साई राम ॐ साई राम ॐ साई राम ॐ साई राम ॐ साई राम

RUPALI के द्वारा
November 17, 2016

ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम…..!!!

RUPALI के द्वारा
November 17, 2016

ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम…..!!!!! अनंत कोटि ब्रह्माण्डनायक राजाधिराज योगिराज पारब्रह्म श्री सच्छिदनंद सदगुरु साईनाथ महाराज की जय…!!!

RUPALI के द्वारा
November 17, 2016

साई बाबा माझी मदत करा मला तुमची खुप गरज आहे मि संकटात आहे. मि ज्या बंधनात अडकलेली त्या बंधनातून मला मुक्त करा. मला नाही राहायचे त्या बंधनात. साई बाबा मला तुमच्यावर खुप विश्वास आहे मला माहित आहे तुम्ही माझी मदत नक्की कराल. I LOVE YOU SAI BABA……!!! OM SAI RAM OM SAI RAM OM SAI RAM OM SAI RAM OM SAI RAM OM SAI RAM……!!!

RUPALI के द्वारा
November 5, 2016

ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ……..!!!!

RUPALI के द्वारा
October 28, 2016

ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम ओम साई राम साई बाबा प्लीज माझी मदत करा मि संकटात आहे…..


topic of the week



अन्य ब्लॉग

latest from jagran