blogid : 3738 postid : 1195

पारसी नया साल : नवरोज

Posted On: 19 Aug, 2011 Others में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

विभिन्न पर्वो, उत्सवों और मेलों के देश भारत में हर समुदाय के पर्वों में समान उत्साह देखने को मिलता है. हिन्दुओं का त्यौहार हो या मुसलमानों का या फिर ईसाईयों का यहां तक कि भारत में पारसी समुदाय के त्यौहारों की भी धूम देखने को मिलती है. आज पारसी समुदाय का मशहूर त्यौहार नवरोज यानि नया साल है.


jamshed navroz,पारसी समुदाय के लिए नववर्ष नवरोज आस्था और उत्साह का संगम होता है. नवरोज एक ऐसा पर्व है जिसका पारसी समुदाय साल भर इंतजार करते हैं क्योंकि इस दिन परिवार के सब लोग एकत्र होकर पूरे उत्साह के साथ इस त्यौहार को मनाते हैं.


तीन हज़ार साल पहले जिस दिन ईरान में शाह जमशेद ने सिंहासन ग्रहण किया उसे नया दिन या नवरोज़ कहा गया. यह दिन जरथुस्त्र (Zarathustra) वंशियों का नए वर्ष का पहला दिन माना जाने लगा. यह त्यौहार विश्व के कई हिस्सों में समान हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है जैसे ईरान, इराक, बरहीन, लेबनान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान आदि. भारत में भी यह दिन पारसियों का नया दिन माना जाता है.


Jamshedi-Navroz-Festivalपारसी लोग नवरोज फारस के राजा जमशेद की याद में मनाते हैं जिन्होंने पारसी कैलेंडर की स्थापना की थी. पारसी लोग मानते हैं कि इस दिन पूरी कायनात बनाई गई थी. पारसी लोग नववर्ष के दिन विशेष पकवान बनाते हैं. इनमें मीठा रवा, सिवई, पुलाव, मछली तथा अन्य व्यंजन बनाए जाते हैं. इस दिन घर आने वाले मेहमानों का स्वागत गुलाब जल छिड़कर किया जाता था.


पारसी परंपरा के अनुसार इस दिन लोग मेज पर कुछ पवित्र वस्तुएं रखते हैं. इनमें जरथुस्त्र की तस्वीर, मोमबत्ती, दर्पण, अगरबत्ती, फल, फूल, चीनी, सिक्के आदि शामिल हैं. माना जाता है कि इससे परिवार के लोगों की आयु और समृद्धि बढ़ती है.


नवरोज के दिन पारसी परिवार अपने उपासना स्थलों पर जाते हैं. इस दिन उपासना स्थलों में पुजारी धन्यवाद देने वाली प्रार्थना करते हैं जिसे जश्न कहा जाता है. इस दिन पवित्र अग्नि को लोग चंदन की लकड़िया चढ़ाते हैं. प्रार्थना के बाद पारसी लोग एक-दूसरे को साल मुबारक कहते हैं.


भारत में पारसी समुदाय आबादी के लिहाज से बेहद छोटा समुदाय है लेकिन यह नवरोज जैसे अपने त्यौहारों के माध्यम से अपनी परंपराओं को आज भी जीवित रखे हुए है. भारत जहां हर धर्म और जाति के लोगों को समान जगह और इज्जत दी जाती है वहां पारसी समुदाय के इस त्यौहार की भी धूम देखने को मिलती है.




Tags:               

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (6 votes, average: 4.33 out of 5)
Loading ... Loading ...

1 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

lattika के द्वारा
June 23, 2016

very helpful.


topic of the week



अन्य ब्लॉग

latest from jagran