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काजोल : एक समर्पित अभिनेत्री और पत्नी

Posted On: 5 Aug, 2011 मस्ती मालगाड़ी में

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हिन्दी फिल्मों में जो लोग कहते हैं कि शादी के बाद कॅरियर खत्म हो जाता है उनके लिए काजोल शायद एक उपवाद ही होंगी. हिन्दी सिनेमा जगत में अक्सर लोग सुंदर और गोरी कन्याओं को ही हिरोइन के रुप में देखना पसंद करते हैं लेकिन उसके बावजूद भी काजोल की कामयाबी ने साबित कर दिया है कि गोरा या सांवला होने से कोई फर्क नहीं पड़ता बस अगर कुछ होता है तो वह है काम करने का लगन.


हिन्दी फिल्मों में जो मुकाम आज काजोल का है वहां तक पहुंचना किसी भी अभिनेत्री के लिए बहुत ही मुश्किल है. अपने पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ काजोल ने अपने फिल्मी कॅरियर को भी सही दिशा दी है. परिवार और कॅरियर में तालमेल बनाने की वजह से ही आज लोग उन्हें बॉलिवुड की सुपर-मॉम कहते हैं. काजोल और अजय देवगन की जोड़ी की सफलता भी दोनों की समझदारी का ही प्रमाण है.


kajol-sl-5-8-2011काजोल का कॅरियर

05 अगस्त, 1974 को जन्मी काजोल के पिता सोमू मुखर्जी निर्देशक और निर्माता थे. उनकी मां तनुजा भी एक अभिनेत्री थीं. काजोल की मौसी नूतन हिन्दी फिल्मों की एक मशहूर अभिनेत्री रह चुकी हैं जिन्होंने रिकॉर्ड पांच बार फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस का खिताब जीता है. काजोल का लगभग पूरा परिवार ही फिल्मों से जुड़ा हुआ है. एक तरह से फिल्मी परिवार से होने की वजह से काजोल को फिल्मों में एंट्री तो मिल गई पर उन्हें कामयाबी खुद की मेहनत की वजह से ही मिली. काजोल की बहन तनीषा मुखर्जी भी हिन्दी फिल्मों में कॅरियर बनाने के लिए स्ट्रगल कर रही हैं.


काजोल ने पंचगनी में सेंट जोसेफ कॉंवेंट स्कूल (St. Josephs convent) से पढ़ाई की थी लेकिन 17 साल की उम्र में ही उन्होंने कॅरियर बनाने के लिए स्कूल छोड़ दिया. छोटी उम्र से ही काजोल ने फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था.


kajol-and-shahrukh1काजोल ने 1992 में फिल्म “बेखुदी” से अपने कॅरियर की शुरुआत की जो एक फ्लॉप फिल्म साबित हुई थी. लेकिन उनकी दूसरी फिल्म ने उन्हें हिन्दी फिल्मों की हिट हिरोइन बना दिया. अब्बास-मस्तान की “बाजीगर” एक सुपरहिट साबित हुई. इस फिल्म में उन्होंने शाहरुख खान के साथ काम किया.


1994 में आई फिल्म “यह दिल्लगी” के लिए काजोल को पहली बार फिल्मफेयर के लिए नामांकन मिला. साल 1995 काजोल के जीवन का सबसे सफल साल साबित हुआ. इस साल काजोल ने राकेश रोशन की “करण-अर्जुन” में काम किया. यह फिल्म साल की सबसे सफल और ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई. लेकिन फिर यश राज बैनर के तले बनी “दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे” काजोल के कॅरियर की सबसे सफल फिल्म साबित हुई.


index“दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे” में काजोल ने सिमरन नाम की लड़की का किरदार निभाया था. यह फिल्म हिन्दी सिनेमा की सबसे सफल फिल्मों में से एक मानी जाती है और आज भी लोग इसे अपनी पसंदीदा फिल्म मानते हैं. इस फिल्म के लिए काजोल को पहली बार फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस का अवार्ड मिला.


इस फिल्म के बाद की कुछ फिल्में फ्लॉप रहीं पर साल 1997 की फिल्म “गुप्त” ने काजोल के कॅरियर को नई ऊंचाई दी. इस फिल्म में काजोल को फिल्मफेयर अवार्ड फॉर बेस्ट परफॉरमेंस इन निगेटिव रोल( Filmfare Award for Best Performance in a Negative Role) का खिताब मिला. यह पुरस्कार लेने वाली काजोल पहली अभिनेत्री थीं.


Kajol-Devganसाल 1997 में ही काजोल ने फिल्म “इश्क” में अजय देवगन के साथ काम किया. इस फिल्म में काजोल और अजय की केमिस्ट्री देखने लायक थी. साल 1998 में काजोल ने तीन हिट फिल्में दीं. सलमान खान के साथ “प्यार किया तो डरना क्या”, अजय देवगन के साथ “प्यार तो होना ही था” और शाहरुख खान के साथ सुपरहिट फिल्म “कुछ-कुछ होता है”. फिल्म “कुछ-कुछ होता है” के लिए काजोल को दूसरा फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस का अवार्ड मिला.


काजोल ने इसके अलावा 2001 में “कभी खुशी कभी गम” की जिसके लिए उन्हें तीसरा फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस का अवार्ड मिला. इसके बाद उन्होंने फिल्मों से ब्रेक लेकर अपने परिवार की तरफ ध्यान दिया.


साल 2006 में अपनी बेटी के जन्म के बाद उन्होंने फिल्म “फना” से अपने कॅरियर की दूसरी शुरुआत की और फिल्म में अपने बेहतरीन अभिनय की बदौलत चौथी बार फिल्मफेयर पर कब्जा किया. साल 2008 में काजोल ने अजय देवगन के साथ “यू मि और हम” में भी उल्लेखनीय काम किया.


साल 2010 में शाहरुख खान के साथ “माय नेम इज खान” के लिए भी काजोल को फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस का अवार्ड मिला.


Kajol-Ajay-Devganकाजोल और अजय देवगन: हिन्दी सिनेमा में यह दो नाम ऐसे हैं जो सिर्फ अपनी फिल्मों के आने पर ही चर्चा में आते हैं और बाकी समय जैसे कहीं छुप जाते हैं. लेकिन एक दौर 90 का भी था जब इन दोनों सितारों के सितारे आसमान पर अपनी चमक बिखेर रहे थे. ऐसे में फिल्मी सेट का साथ शादी के मंडप तक कैसे पहुंचा यह बहुत ही दिलचस्प किस्सा रहा है. 1995 में आई फिल्म “हलचल” में काजोल और अजय की जोड़ी ने पहली बार काम किया. इस फिल्म के बाद दोनों ने एक साथ कई फिल्में कीं जो बेहद हिट रहीं जैसे ‘इश्क’, ‘प्यार तो होना ही था’, ‘दिल क्या करे’, ‘राजू चाचा’ और ‘यू मी और हम’. समय के साथ अजय और काजोल का प्यार परवान चढ़ता गया और आखिरकार 1999 में दोनों ने शादी कर ली.


आज काजोल और अजय देवगन की जोड़ी बॉलिवुड की बेस्ट जोडियों में से एक मानी जाती है. काजोल आज एक बेटी न्यासा और बेटे युग की मां हैं. अपने बच्चों और परिवार के लिए उन्होंने कई बार अपने कॅरियर में ब्रेक लिया है लेकिन इससे उनके अभिनय में कभी भी कमी नहीं आई.




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