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योग गुरू बाबा रामदेव : शून्य से शिखर का संघर्ष (Profile of Baba Ramdev)

Posted On: 3 Jun, 2011 Others,Special Days में

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कभी साइकिल पर सवार होकर हरियाणा की गलियों में दवाई बेचने वाला एक बाबा आज भारत का सबसे बड़ा योग गुरू है, ये एक ऐसी हैरतंगेज सच्चाई है जिसे जानकर कोई भी हैरत में पड़ सकता है. शायद मेहनत और कुछ कर गुजरने की ललक ही है जो इंसान को क्या से क्या बना देती है और यही वजह है कि कल तक साइकिल पर दवाई बेचने वाले रामदेव (Ramdev) को आज लोग बाबा रामदेव (Ramdev) के नाम से जानते हैं.


INDIA-POLITICS-GURUबाबा रामदेव (Ramdev) का जन्म भारत में हरियाणा (Haryana) राज्य के महेन्द्रगढ जनपद स्थित अली सैयद्पुर नामक एक साधारण से गांव में 25 दिसम्बर, 1965 को हुआ था. बाबा रामदेव (Baba Ramdev)  के बचपन का नाम रामकृष्ण था. उनकी मां श्रीमती गुलाब देवी एक धर्मपरायण महिला व उनके पिताश्री रामनिवास यादव एक कर्तव्यनिष्ठ गृहस्थ हैं. बचपन में बाबा रामदेव (Baba Ramdev)  क्रान्तिकारी रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ व स्वतन्त्रता-सेनानी सुभाषचन्द्र बोस (Netaji Subhas Chandra Bose) की फोटो को घंटों एकटक देखा करते थे और सोचते थे कि वह भी बड़े होकर ऐसा ही कुछ करेंगे.


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समीपवर्ती गांव शहजादपुर के सरकारी स्कूल से आठवीं कक्षा तक पढाई पूरी करने के बाद बाबा रामदेव (Baba Ramdev)  ने खानपुर गांव के एक गुरुकुल में आचार्य प्रद्युम्न व योगाचार्य बल्देवजी से संस्कृत व योग की शिक्षा ली. लेकिन बाबा रामदेव (Ramdev)  के मन में कुछ कर गुजरने की चाह थी और इसी चाह को पूरा करने के लिए स्वामी रामतीर्थ की भांति अपने माता-पिता व बन्धु-बान्धवों को सदा-सर्वदा के लिये छोड़ दिया. उन्होंने युवावस्था में ही सन्यास लेने का संकल्प किया और पहले वाला रामकृष्ण, स्वामी रामदेव (Swami Ramdev) के नये रूप में अवतरित हुआ.


हर समस्या का समाधान योग व प्राणायाम बताने वाले बाबा रामदेव (Ramdev) ने सन् 1995 से योग को लोकप्रिय और सर्वसुलभ बनाने के लिये अथक परिश्रम करना प्रारम्भ किया. कुछ समय तक कालवा गुरुकुल, जींद जाकर नि:शुल्क योग सिखाया उसके बाद हिमालय में ध्यान और धारणा का अभ्यास करने निकल गए. वहां से सिद्धि प्राप्त कर प्राचीन पुस्तकों व पाण्डुलिपियों का अध्ययन करने हरिद्वार आकर कनखल के कृपालु बाग आश्रम में रहने लगे. यहीं उन्हें अपने जीवन का निर्णायक मोड़ मिला.


आस्था चैनल (Aastha TV) पर योग का कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिये माधवकान्त मिश्र को किसी योगाचार्य की आवश्यकता थी. और उनकी जरुरत बाबा रामदेव (Ramdev)  के रुप में खत्म हुई. बाबा ने टीवी के माध्यम से जनता तक योग की शक्ति को पहुंचाया और यहीं से वह प्रसिद्ध हो गए. आज देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी बाबा के अनेक भक्त हैं.


Baba Ramdev बाबा रामदेव (Ramdev)  जगह-जगह स्वयं जाकर योग शिविरों का आयोजन करते हैं जिनमें लाखों की संख्या में जनता शामिल होती है. इस जनता में आम और खास दोनों तरह के लोग होते हैं. बाबा के साथ लाखों लोग योग, आसन, प्राणायाम व व्यायाम करते हैं जिसमें कई लोग तो टीवी के माध्यम से भी जुड़े रहते हैं. हर सुबह बाबा रामदेव (Ramdev)  का योग कार्यक्रम टीवी पर प्रसारित होता है.


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भारतीय योग पद्धति को आज के समय में विश्व में पहचान दिलाने में बाबा रामदेव (Ramdev)  का अतुल्य सहयोग रहा है. बाबा ने पंतजलि योगपीठ की स्थापना कर योग को मानव-कल्याण की दिशा में कार्यरत किया है. बाबा ने योग के साथ आयुर्वेद में भी भारत को नई पहचान दिलाई है. खुद बाबा ने दिव्य फार्मेसी (Divya Pharmacy) की स्थापना की है जहां आयुर्वैदिक औषधियों का निर्माण कार्य किया जाता है और माना जाता है कि इस फार्मेसी की बनी हुई अधिकतर दवाइयां सफल होती हैं. जनता में भी इन दवाइयों की लोकप्रियता सर चढ़कर बोलती है.


Patanjali_centerयोग-गुरु है लखपति !

बाबा रामदेव (Ramdev)  ने योग को दुनियाभर में प्रसिद्धि जरुर दिलाई है पर उनके ऊपर आरोपों की झड़ी भी लगती रही है. कुछ साल पहले बाबा के दिव्य फार्मेसी में बनी दवाइयों पर यह आरोप लगा था कि इनमें जीव अस्थियों का प्रयोग होता है हालांकि लैब टेस्ट में यह साबित नहीं हो सका पर बाबा के आश्रम से कई जीवों के कंकाल और जीवित कछुए मिले थे जिससे उन पर संदेह गहरा गया था.


इसी तरह बाबा की आमदनी भी हमेशा से चर्चा का विषय रही है. कहा जा रहा है कि साल 2009-2010 में बाबा रामदेव (Ramdev)  के ट्रस्ट का टर्नओवर 1100 करोड़ रु. था. बाबा द्वारा आयोजित शिविरों में पंजीकरण के लिए 5000 रुपए लगते हैं और हर शिविर में कम से कम 50 हजार लोग पहुंचते हैं. इस तरह  बाबा रामदेव (Ramdev)  को एक ही शिविर से लाखों का फायदा होता है. ऊपर से उनकी फार्मेसी की कमाई अलग होती है. बाबा के पास एक हेलीकॉप्टर भी है, जिसे वे अपने एक शिष्य की भेंट बताते हैं और इतना ही नहीं, बाबा रामदेव (Ramdev)  ने 2009 में स्कॉटलैंड में लगभग 14.7 करोड़ का एक टापू खरीदा था जिसे बाबा रामदेव (Ramdev)  भारतीय मूल्यों को एक पहचान दिलाने वाली जगह बनाने की सोच रहे हैं. बाबा की इस अथाह संपत्ति को देखते हुए कांग्रेस के दिग्विजय सिंह ने उसने उनकी संपत्ति का हवाला भी मांगा था जिसपर रामदेव (Yoga Guru Ramdev)  ने सफाई भी दी थी.


अकसर विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय देने वाले बाबा रामदेव (Yoga Guru Ramdev)  आज भारत में एक ऐसी हस्ती बन चुके हैं जो हमेशा लाइमटाइट में रहते हैं और हर मुद्दे पर अपनी बेबाक राय रखते हैं और उनकी बेबाक राय ही जनता को सबसे ज्यादा पसंद आती है.


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8 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

KULDEEP SINGH के द्वारा
February 20, 2017

बाबा रामदेव की कंपनी पंतजलि एक गुड कंपनी है

sansar singh के द्वारा
June 18, 2015

WORLD KE ACHHE DIN AA RAHE HEN TAB TO BABA JI KA JANAM HUA HAI

DEVESH AWASTHI के द्वारा
October 24, 2014

बाबा अच्छे काम कर रहे हे

biswajit singh के द्वारा
December 12, 2013

BABA RAMDEVJI, YOU ARE GREAT PERSONALITY. OUR WHOLE FAMILY WATCHING YOUR PROGRAM REGULARLY ON AASTHATV CHANNEL. YOUR CONCEPT & THOUGHT ARE REALY GREAT. WE ARE PROUD OF YOU AS INDIAN. PLEASE COME ATONCE IN BIHAR. THANKU.

Arjun Rana के द्वारा
March 28, 2013

Param pujya swami Ramdev ji maharaj ne ham logon ko yog ke madhyam se ek naya jeevan diya hai.aur ham sab swami ji ke bahut hi abhari rahenge.Arjun Rana

iswar के द्वारा
June 3, 2011

आप शायद यह भूल गए है की १९९५ मैं आचार्य कर्मवीर आचार्य बलाक्रिशन और बाबा रामदेव ने मिल कर दिव्य योग मंदिर की स्थापना की थी आचार्य कर्मवीर ने बाबा रामदेव को इस लिए छोड़ दिया की येश्देव शास्त्री राम भगत और बाबा रामदेव के सभी रिश्तेदार आज हरिद्वार में बाबा की प्रोपर्टी के असली मालिक है कैसा बाबा कैसा देश भगत समझ नहीं आता

    Dr. Utsawa K. Chaturvedi के द्वारा
    June 4, 2011

    –संभल के चलना बाबाजी !! अन्ना जी केंद्र सरकार के बहकावे में आ गए और अब हतप्रभ होकर बाबा रामदेव को केंद्र के शाब्दिक या अधकचरे कागज़ी बहकावे में न आने की सलाह दे रहे हैं.. केंद्र की मज़बूरी है की यदि काले धन और भ्रष्टाचार का उन्मूलन हुआ तो सबसे ज्यादा नुकसान और बदनामी कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की ही होगी और यदि बाब जी की दंड वाली बात भी मान ली गयी तो कांग्रेस के सबसे ज्यादा नेता फांसी पर चढ़ेंगे !! क्या केन्द्रीय सरकार पागल है जो बाबा रामदेव की बात मान लेगी ? बाबा रामदेव भ्रष्टाचार और काले धन के विरुद्ध अभियान चलाने के लिए सबसे उपयुक्त व्यक्ति हैं और यदि वे इस कार्य को आगे बढ़ाने में सफल रहे तो शायद महर्षि दधीची की श्रेणी में आ जायेंगे. भ्रष्टाचार विमुक्त समाज में सबसे बड़ा फायद आर्थिक रूप से सबसे विपन्न लोगों का होगा क्योंकि उन्हें मिलने वाली आर्थिक सहायता तब बिना रिसे उन तक पहुँच पायेगी. वे लोग भी, जो आज के भ्रष्ट समाज के अभिन्न अंग हैं, बाबा के साथ हैं, क्योंकि वे शायद मज़बूरी में भ्रष्टाचार में लिप्त हैं. सबसे ज्यादा घाटा नेताओं, बड़े अफसरों और न्यायपालिका के उच्चपदासीन लोगों का होगा क्योंकि तब वे आज जैसी अकूत संपित्त नहीं बना पाएंगे. — अब यह बाबा पर है की वे अपने प्रबल जन समर्थन और आध्यात्मिक शक्ति का प्रयोग किस हद तक भ्रष्टाचार मिटाने के लिए कर पाते हैं !! __डा0 उत्सव कुमार चतुर्वेदी, क्लीवलैंड, अमेरिका


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